धनतेरस 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त
दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
धनतेरस 2100
शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:33 – 20:12
आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 19:20, 30 अक्टूबर – 16:11, 31 अक्टूबर
धनतेरस की तिथियाँ 2100–2104
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2100 | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:33 – 20:12 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में धनतेरस 2100
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:33 – 20:12 |
| मुंबई | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 19:07 – 20:36 |
| कोलकाता | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:00 – 19:32 |
| चेन्नई | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:46 – 20:10 |
| बेंगलुरु | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:57 – 20:21 |
| हैदराबाद | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 18:47 – 20:15 |
| पुणे | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 19:03 – 20:33 |
| अहमदाबाद | शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 · धनतेरस पूजा 19:02 – 20:35 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।
इसका महत्व
दीवाली का पहला दिन, आरोग्य के देवता धन्वंतरि को समर्पित और समृद्धि का स्वागत।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
प्रदोष काल में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, द्वार पर यम के लिए दीपक, और कोई नया बर्तन या धातु की वस्तु खरीदना।
- घर की सफ़ाई और सजावट
- शाम को धन्वंतरि और लक्ष्मी की पूजा
- द्वार पर यम के लिए दीपक (यम दीपम)
- परंपरा हो तो नया बर्तन या सोना खरीदें
पूरे भारत में
धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
प्रश्न
2100 में धनतेरस कब है?
धनतेरस शनिवार, 30 अक्टूबर 2100 को है, कृष्ण त्रयोदशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
धनतेरस पर धनतेरस पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शनिवार, 30 अक्टूबर को 18:33 – 20:12। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
धनतेरस क्या है?
दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।
धनतेरस परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
प्रदोष काल में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, द्वार पर यम के लिए दीपक, और कोई नया बर्तन या धातु की वस्तु खरीदना।
पूरे भारत में धनतेरस कैसे मनाया जाता है?
धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।