धनतेरस 2044: तिथि और पूजा मुहूर्त

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

धनतेरस 2044

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:16 – 20:19

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 07:28, 18 अक्टूबर – 06:20, 19 अक्टूबर

धनतेरस 2045

सोमवार, 6 नवंबर 2045 · धनतेरस पूजा 18:02 – 19:58

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 09:37, 6 नवंबर – 07:17, 7 नवंबर

धनतेरस की तिथियाँ 2044–2048

वर्षतिथि और मुहूर्त
2044मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:16 – 20:19
2045सोमवार, 6 नवंबर 2045 · धनतेरस पूजा 18:02 – 19:58
2046शनिवार, 27 अक्टूबर 2046 · धनतेरस पूजा 18:42 – 20:14
2047बुधवार, 16 अक्टूबर 2047 · धनतेरस पूजा 19:27 – 20:21
2048मंगलवार, 3 नवंबर 2048 · धनतेरस पूजा 18:13 – 20:08

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में धनतेरस 2044

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:16 – 20:19
मुंबईमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:49 – 20:41
कोलकातामंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 18:41 – 19:37
चेन्नईमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:28 – 20:14
बेंगलुरुमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:39 – 20:25
हैदराबादमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:29 – 20:19
पुणेमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:46 – 20:37
अहमदाबादमंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:43 – 20:40

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।

इसका महत्व

दीवाली का पहला दिन, आरोग्य के देवता धन्वंतरि को समर्पित और समृद्धि का स्वागत।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

प्रदोष काल में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, द्वार पर यम के लिए दीपक, और कोई नया बर्तन या धातु की वस्तु खरीदना।

  1. घर की सफ़ाई और सजावट
  2. शाम को धन्वंतरि और लक्ष्मी की पूजा
  3. द्वार पर यम के लिए दीपक (यम दीपम)
  4. परंपरा हो तो नया बर्तन या सोना खरीदें

पूरे भारत में

धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

प्रश्न

2044 में धनतेरस कब है?

धनतेरस मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 को है, कृष्ण त्रयोदशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2045 में धनतेरस कब है?

धनतेरस सोमवार, 6 नवंबर 2045 को है, कृष्ण त्रयोदशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

धनतेरस पर धनतेरस पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: मंगलवार, 18 अक्टूबर को 19:16 – 20:19। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

धनतेरस क्या है?

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।

2046 में धनतेरस कब है?

शनिवार, 27 अक्टूबर 2046 · धनतेरस पूजा 18:42 – 20:14. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2047 में धनतेरस कब है?

बुधवार, 16 अक्टूबर 2047 · धनतेरस पूजा 19:27 – 20:21. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में धनतेरस कब है?

मंगलवार, 3 नवंबर 2048 · धनतेरस पूजा 18:13 – 20:08. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में धनतेरस कैसे मनाया जाता है?

धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

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