धनतेरस 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

धनतेरस 2042

रविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 17:51 – 19:47

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 18:05, 9 नवंबर – 20:50, 10 नवंबर

धनतेरस 2043

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2043 · धनतेरस पूजा 18:35 – 20:13

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 20:08, 29 अक्टूबर – 21:34, 30 अक्टूबर

धनतेरस की तिथियाँ 2042–2046

वर्षतिथि और मुहूर्त
2042रविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 17:51 – 19:47
2043गुरुवार, 29 अक्टूबर 2043 · धनतेरस पूजा 18:35 – 20:13
2044मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:16 – 20:19
2045सोमवार, 6 नवंबर 2045 · धनतेरस पूजा 18:02 – 19:58
2046शनिवार, 27 अक्टूबर 2046 · धनतेरस पूजा 18:42 – 20:14

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में धनतेरस 2042

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 17:51 – 19:47
मुंबईरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:24 – 20:24
कोलकातारविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 17:17 – 19:15
चेन्नईरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:04 – 20:06
बेंगलुरुरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:15 – 20:17
हैदराबादरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:04 – 20:05
पुणेरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:21 – 20:21
अहमदाबादरविवार, 9 नवंबर 2042 · धनतेरस पूजा 18:19 – 20:17

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।

इसका महत्व

दीवाली का पहला दिन, आरोग्य के देवता धन्वंतरि को समर्पित और समृद्धि का स्वागत।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

प्रदोष काल में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, द्वार पर यम के लिए दीपक, और कोई नया बर्तन या धातु की वस्तु खरीदना।

  1. घर की सफ़ाई और सजावट
  2. शाम को धन्वंतरि और लक्ष्मी की पूजा
  3. द्वार पर यम के लिए दीपक (यम दीपम)
  4. परंपरा हो तो नया बर्तन या सोना खरीदें

पूरे भारत में

धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

प्रश्न

2042 में धनतेरस कब है?

धनतेरस रविवार, 9 नवंबर 2042 को है, कृष्ण त्रयोदशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2043 में धनतेरस कब है?

धनतेरस गुरुवार, 29 अक्टूबर 2043 को है, कृष्ण त्रयोदशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

धनतेरस पर धनतेरस पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रविवार, 9 नवंबर को 17:51 – 19:47। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

धनतेरस क्या है?

दीवाली का पहला दिन, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) कृष्ण पक्ष का तेरहवाँ दिन। यह धन्वंतरि और लक्ष्मी के सम्मान में है; परंपरा इस दिन घर में नई चीज़ों का स्वागत करती है।

2044 में धनतेरस कब है?

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 · धनतेरस पूजा 19:16 – 20:19. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2045 में धनतेरस कब है?

सोमवार, 6 नवंबर 2045 · धनतेरस पूजा 18:02 – 19:58. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2046 में धनतेरस कब है?

शनिवार, 27 अक्टूबर 2046 · धनतेरस पूजा 18:42 – 20:14. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में धनतेरस कैसे मनाया जाता है?

धनत्रयोदशी भी कहा जाता है; इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

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