छठ पूजा 2043: तिथि और पूजा मुहूर्त
सूर्य और छठी मैया का त्योहार, कार्तिक शुक्ल पक्ष के छठे दिन, मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
छठ पूजा 2043
रविवार, 8 नवंबर 2043
कार्तिक शुक्ल षष्ठी: 13:41, 7 नवंबर – 15:41, 8 नवंबर
छठ पूजा 2044
गुरुवार, 27 अक्टूबर 2044
कार्तिक शुक्ल षष्ठी: 10:38, 26 अक्टूबर – 13:06, 27 अक्टूबर
छठ पूजा की तिथियाँ 2043–2047
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2043 | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| 2044 | गुरुवार, 27 अक्टूबर 2044 |
| 2045 | मंगलवार, 14 नवंबर 2045 |
| 2046 | शनिवार, 3 नवंबर 2046 |
| 2047 | गुरुवार, 24 अक्टूबर 2047 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में छठ पूजा 2043
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| मुंबई | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| कोलकाता | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| चेन्नई | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| बेंगलुरु | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| हैदराबाद | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| पुणे | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
| अहमदाबाद | रविवार, 8 नवंबर 2043 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
सूर्य और छठी मैया का त्योहार, कार्तिक शुक्ल पक्ष के छठे दिन, मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में। यह चार दिन चलता है, नहाय-खाय से सुबह के अर्घ्य तक।
इसका महत्व
सूर्य और छठी मैया को समर्पित चार दिन, नदी किनारे अस्त और उदय होते सूर्य को अर्घ्य के साथ।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
कठोर उपवास, इस दिन डूबते सूर्य को और अगली सुबह उगते सूर्य को नदी या तालाब पर अर्घ्य।
- पहला दिन, नहाय-खाय: स्नान और सादा भोजन
- दूसरा दिन, खरना: दिन भर उपवास, शाम को खीर से व्रत खोलना
- तीसरा दिन: जल के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य
- चौथा दिन: उगते सूर्य को अर्घ्य, फिर व्रत का समापन
पूरे भारत में
मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, और पूरे भारत व विदेश में उनके समुदायों द्वारा।
प्रश्न
2043 में छठ पूजा कब है?
छठ पूजा रविवार, 8 नवंबर 2043 को है, शुक्ल षष्ठी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2044 में छठ पूजा कब है?
छठ पूजा गुरुवार, 27 अक्टूबर 2044 को है, शुक्ल षष्ठी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
छठ पूजा क्या है?
सूर्य और छठी मैया का त्योहार, कार्तिक शुक्ल पक्ष के छठे दिन, मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में। यह चार दिन चलता है, नहाय-खाय से सुबह के अर्घ्य तक।
छठ पूजा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
कठोर उपवास, इस दिन डूबते सूर्य को और अगली सुबह उगते सूर्य को नदी या तालाब पर अर्घ्य।
2045 में छठ पूजा कब है?
मंगलवार, 14 नवंबर 2045. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2046 में छठ पूजा कब है?
शनिवार, 3 नवंबर 2046. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2047 में छठ पूजा कब है?
गुरुवार, 24 अक्टूबर 2047. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में छठ पूजा कैसे मनाया जाता है?
मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, और पूरे भारत व विदेश में उनके समुदायों द्वारा।