चैत्र नवरात्रि 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त
वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
चैत्र नवरात्रि 2100
शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:01 – 08:33
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 21:48, 9 अप्रैल – 00:22, 11 अप्रैल
चैत्र नवरात्रि की तिथियाँ 2100–2104
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2100 | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:01 – 08:33 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में चैत्र नवरात्रि 2100
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:01 – 08:33 |
| मुंबई | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:25 – 08:55 |
| कोलकाता | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 05:20 – 07:51 |
| चेन्नई | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 05:59 – 08:27 |
| बेंगलुरु | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:10 – 08:38 |
| हैदराबाद | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:03 – 08:33 |
| पुणे | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:21 – 08:51 |
| अहमदाबाद | शनिवार, 10 अप्रैल 2100 · घटस्थापना 06:23 – 08:54 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है। नौ दिनों में से हर दिन दुर्गा के एक रूप को समर्पित है।
इसका महत्व
कई क्षेत्रों में हिंदू नववर्ष की शुरुआत में देवी को समर्पित नौ रातें।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
पहली सुबह घटस्थापना (पवित्र कलश की स्थापना), उपवास या सादा भोजन, और रोज़ पूजा; यह राम नवमी पर पूरा होता है।
- पहली सुबह कलश स्थापना (घटस्थापना)
- परिवार की परंपरा अनुसार अखंड दीप
- उपवास या सात्त्विक भोजन
- हर दिन दुर्गा के एक रूप की पूजा
- अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन
पूरे भारत में
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक-आंध्र में उगादि से शुरुआत; राम नवमी पर समापन।
प्रश्न
2100 में चैत्र नवरात्रि कब है?
चैत्र नवरात्रि शनिवार, 10 अप्रैल 2100 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शनिवार, 10 अप्रैल को 06:01 – 08:33। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
चैत्र नवरात्रि क्या है?
वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है। नौ दिनों में से हर दिन दुर्गा के एक रूप को समर्पित है।
चैत्र नवरात्रि परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
पहली सुबह घटस्थापना (पवित्र कलश की स्थापना), उपवास या सादा भोजन, और रोज़ पूजा; यह राम नवमी पर पूरा होता है।
पूरे भारत में चैत्र नवरात्रि कैसे मनाया जाता है?
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक-आंध्र में उगादि से शुरुआत; राम नवमी पर समापन।