चैत्र नवरात्रि 2045: तिथि और पूजा मुहूर्त

वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

चैत्र नवरात्रि 2045

रविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:25 – 08:51

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 22:44, 18 मार्च – 23:34, 19 मार्च

चैत्र नवरात्रि 2046

शनिवार, 7 अप्रैल 2046 · घटस्थापना 06:04 – 08:36

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 17:21, 6 अप्रैल – 19:09, 7 अप्रैल

चैत्र नवरात्रि की तिथियाँ 2045–2049

वर्षतिथि और मुहूर्त
2045रविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:25 – 08:51
2046शनिवार, 7 अप्रैल 2046 · घटस्थापना 06:04 – 08:36
2047बुधवार, 27 मार्च 2047 · घटस्थापना 06:17 – 08:45
2048मंगलवार, 14 अप्रैल 2048 · घटस्थापना 05:56 – 08:30
2049शनिवार, 3 अप्रैल 2049 · घटस्थापना 06:08 – 08:38

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में चैत्र नवरात्रि 2045

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:25 – 08:51
मुंबईरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:43 – 09:08
कोलकातारविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 05:41 – 08:06
चेन्नईरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:13 – 08:38
बेंगलुरुरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:24 – 08:49
हैदराबादरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:20 – 08:45
पुणेरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:39 – 09:04
अहमदाबादरविवार, 19 मार्च 2045 · घटस्थापना 06:44 – 09:09

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है। नौ दिनों में से हर दिन दुर्गा के एक रूप को समर्पित है।

इसका महत्व

कई क्षेत्रों में हिंदू नववर्ष की शुरुआत में देवी को समर्पित नौ रातें।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

पहली सुबह घटस्थापना (पवित्र कलश की स्थापना), उपवास या सादा भोजन, और रोज़ पूजा; यह राम नवमी पर पूरा होता है।

  1. पहली सुबह कलश स्थापना (घटस्थापना)
  2. परिवार की परंपरा अनुसार अखंड दीप
  3. उपवास या सात्त्विक भोजन
  4. हर दिन दुर्गा के एक रूप की पूजा
  5. अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन

पूरे भारत में

महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक-आंध्र में उगादि से शुरुआत; राम नवमी पर समापन।

प्रश्न

2045 में चैत्र नवरात्रि कब है?

चैत्र नवरात्रि रविवार, 19 मार्च 2045 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2046 में चैत्र नवरात्रि कब है?

चैत्र नवरात्रि शनिवार, 7 अप्रैल 2046 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रविवार, 19 मार्च को 06:25 – 08:51। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

चैत्र नवरात्रि क्या है?

वसंत में देवी की नौ रातें, चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से; कई क्षेत्रों में यही हिंदू नववर्ष है। नौ दिनों में से हर दिन दुर्गा के एक रूप को समर्पित है।

2047 में चैत्र नवरात्रि कब है?

बुधवार, 27 मार्च 2047 · घटस्थापना 06:17 – 08:45. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में चैत्र नवरात्रि कब है?

मंगलवार, 14 अप्रैल 2048 · घटस्थापना 05:56 – 08:30. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2049 में चैत्र नवरात्रि कब है?

शनिवार, 3 अप्रैल 2049 · घटस्थापना 06:08 – 08:38. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में चैत्र नवरात्रि कैसे मनाया जाता है?

महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक-आंध्र में उगादि से शुरुआत; राम नवमी पर समापन।

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