अक्षय तृतीया 2087: तिथि और पूजा मुहूर्त
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
अक्षय तृतीया 2087
सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:37 – 12:18
वैशाख शुक्ल तृतीया: 16:09, 4 मई – 13:01, 5 मई
अक्षय तृतीया 2088
शुक्रवार, 23 अप्रैल 2088 · पूजा 05:46 – 12:19
वैशाख शुक्ल तृतीया: 09:36, 23 अप्रैल – 06:22, 24 अप्रैल
अक्षय तृतीया की तिथियाँ 2087–2091
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2087 | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:37 – 12:18 |
| 2088 | शुक्रवार, 23 अप्रैल 2088 · पूजा 05:46 – 12:19 |
| 2089 | गुरुवार, 12 मई 2089 · पूजा 05:31 – 12:17 |
| 2090 | मंगलवार, 2 मई 2090 · पूजा 05:39 – 12:18 |
| 2091 | रविवार, 22 अप्रैल 2091 · पूजा 05:48 – 12:19 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में अक्षय तृतीया 2087
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:37 – 12:18 |
| मुंबई | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 06:08 – 12:35 |
| कोलकाता | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:01 – 11:33 |
| चेन्नई | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:46 – 12:05 |
| बेंगलुरु | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:57 – 12:16 |
| हैदराबाद | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 05:48 – 12:12 |
| पुणे | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 06:05 – 12:31 |
| अहमदाबाद | सोमवार, 5 मई 2087 · पूजा 06:04 – 12:36 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
इसका महत्व
अक्षय का अर्थ है 'जो कभी कम न हो': परंपरा इस दिन को बिना अलग मुहूर्त के नई शुरुआत के लिए शुभ मानती है।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
दान, विष्णु और लक्ष्मी की पूजा, और नई शुरुआत; कई परिवार इस दिन सोना खरीदते हैं या नया काम शुरू करते हैं।
- सुबह विष्णु और लक्ष्मी की पूजा
- जल, अनाज, कपड़ों का दान
- नया काम या पढ़ाई शुरू करें
- परंपरा हो तो सोना या कुछ नया खरीदें
पूरे भारत में
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।
प्रश्न
2087 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया सोमवार, 5 मई 2087 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2088 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया शुक्रवार, 23 अप्रैल 2088 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
अक्षय तृतीया पर पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: सोमवार, 5 मई को 05:37 – 12:18। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
अक्षय तृतीया क्या है?
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
2089 में अक्षय तृतीया कब है?
गुरुवार, 12 मई 2089 · पूजा 05:31 – 12:17. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2090 में अक्षय तृतीया कब है?
मंगलवार, 2 मई 2090 · पूजा 05:39 – 12:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2091 में अक्षय तृतीया कब है?
रविवार, 22 अप्रैल 2091 · पूजा 05:48 – 12:19. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में अक्षय तृतीया कैसे मनाया जाता है?
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।