अक्षय तृतीया 2047: तिथि और पूजा मुहूर्त

वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

अक्षय तृतीया 2047

रविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:43 – 12:18

वैशाख शुक्ल तृतीया: 14:52, 27 अप्रैल – 16:58, 28 अप्रैल

अक्षय तृतीया 2048

शनिवार, 16 मई 2048 · पूजा 05:29 – 12:17

वैशाख शुक्ल तृतीया: 07:32, 15 मई – 10:09, 16 मई

अक्षय तृतीया की तिथियाँ 2047–2051

वर्षतिथि और मुहूर्त
2047रविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:43 – 12:18
2048शनिवार, 16 मई 2048 · पूजा 05:29 – 12:17
2049बुधवार, 5 मई 2049 · पूजा 05:36 – 12:18
2050रविवार, 24 अप्रैल 2050 · पूजा 05:46 – 12:19
2051शुक्रवार, 12 मई 2051 · पूजा 05:32 – 12:17

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में अक्षय तृतीया 2047

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:43 – 12:18
मुंबईरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 06:12 – 12:36
कोलकातारविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:06 – 11:34
चेन्नईरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:49 – 12:06
बेंगलुरुरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 06:00 – 12:17
हैदराबादरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:51 – 12:13
पुणेरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 06:09 – 12:32
अहमदाबादरविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 06:08 – 12:37

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।

इसका महत्व

अक्षय का अर्थ है 'जो कभी कम न हो': परंपरा इस दिन को बिना अलग मुहूर्त के नई शुरुआत के लिए शुभ मानती है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दान, विष्णु और लक्ष्मी की पूजा, और नई शुरुआत; कई परिवार इस दिन सोना खरीदते हैं या नया काम शुरू करते हैं।

  1. सुबह विष्णु और लक्ष्मी की पूजा
  2. जल, अनाज, कपड़ों का दान
  3. नया काम या पढ़ाई शुरू करें
  4. परंपरा हो तो सोना या कुछ नया खरीदें

पूरे भारत में

परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।

प्रश्न

2047 में अक्षय तृतीया कब है?

अक्षय तृतीया रविवार, 28 अप्रैल 2047 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2048 में अक्षय तृतीया कब है?

अक्षय तृतीया शनिवार, 16 मई 2048 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

अक्षय तृतीया पर पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रविवार, 28 अप्रैल को 05:43 – 12:18। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

अक्षय तृतीया क्या है?

वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।

2049 में अक्षय तृतीया कब है?

बुधवार, 5 मई 2049 · पूजा 05:36 – 12:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2050 में अक्षय तृतीया कब है?

रविवार, 24 अप्रैल 2050 · पूजा 05:46 – 12:19. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2051 में अक्षय तृतीया कब है?

शुक्रवार, 12 मई 2051 · पूजा 05:32 – 12:17. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में अक्षय तृतीया कैसे मनाया जाता है?

परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।

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