अक्षय तृतीया 2045: तिथि और पूजा मुहूर्त
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
अक्षय तृतीया 2045
गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:50 – 12:20
वैशाख शुक्ल तृतीया: 11:03, 19 अप्रैल – 09:33, 20 अप्रैल
अक्षय तृतीया 2046
बुधवार, 9 मई 2046 · पूजा 05:34 – 12:17
वैशाख शुक्ल तृतीया: 09:14, 8 मई – 09:03, 9 मई
अक्षय तृतीया की तिथियाँ 2045–2049
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2045 | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:50 – 12:20 |
| 2046 | बुधवार, 9 मई 2046 · पूजा 05:34 – 12:17 |
| 2047 | रविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:43 – 12:18 |
| 2048 | शनिवार, 16 मई 2048 · पूजा 05:29 – 12:17 |
| 2049 | बुधवार, 5 मई 2049 · पूजा 05:36 – 12:18 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में अक्षय तृतीया 2045
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:50 – 12:20 |
| मुंबई | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 06:17 – 12:37 |
| कोलकाता | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:12 – 11:35 |
| चेन्नई | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:53 – 12:07 |
| बेंगलुरु | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 06:04 – 12:18 |
| हैदराबाद | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:56 – 12:15 |
| पुणे | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 06:13 – 12:33 |
| अहमदाबाद | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 06:14 – 12:38 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
इसका महत्व
अक्षय का अर्थ है 'जो कभी कम न हो': परंपरा इस दिन को बिना अलग मुहूर्त के नई शुरुआत के लिए शुभ मानती है।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
दान, विष्णु और लक्ष्मी की पूजा, और नई शुरुआत; कई परिवार इस दिन सोना खरीदते हैं या नया काम शुरू करते हैं।
- सुबह विष्णु और लक्ष्मी की पूजा
- जल, अनाज, कपड़ों का दान
- नया काम या पढ़ाई शुरू करें
- परंपरा हो तो सोना या कुछ नया खरीदें
पूरे भारत में
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।
प्रश्न
2045 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2046 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया बुधवार, 9 मई 2046 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
अक्षय तृतीया पर पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: गुरुवार, 20 अप्रैल को 05:50 – 12:20। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
अक्षय तृतीया क्या है?
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
2047 में अक्षय तृतीया कब है?
रविवार, 28 अप्रैल 2047 · पूजा 05:43 – 12:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2048 में अक्षय तृतीया कब है?
शनिवार, 16 मई 2048 · पूजा 05:29 – 12:17. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2049 में अक्षय तृतीया कब है?
बुधवार, 5 मई 2049 · पूजा 05:36 – 12:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में अक्षय तृतीया कैसे मनाया जाता है?
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।