अक्षय तृतीया 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
अक्षय तृतीया 2042
मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:48 – 12:19
वैशाख शुक्ल तृतीया: 01:21, 22 अप्रैल – 22:45, 22 अप्रैल
अक्षय तृतीया 2043
सोमवार, 11 मई 2043 · पूजा 05:32 – 12:17
वैशाख शुक्ल तृतीया: 01:18, 11 मई – 21:56, 11 मई
अक्षय तृतीया की तिथियाँ 2042–2046
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2042 | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:48 – 12:19 |
| 2043 | सोमवार, 11 मई 2043 · पूजा 05:32 – 12:17 |
| 2044 | शनिवार, 30 अप्रैल 2044 · पूजा 05:40 – 12:18 |
| 2045 | गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:50 – 12:20 |
| 2046 | बुधवार, 9 मई 2046 · पूजा 05:34 – 12:17 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में अक्षय तृतीया 2042
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:48 – 12:19 |
| मुंबई | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 06:16 – 12:37 |
| कोलकाता | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:10 – 11:35 |
| चेन्नई | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:52 – 12:07 |
| बेंगलुरु | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 06:03 – 12:18 |
| हैदराबाद | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 05:55 – 12:14 |
| पुणे | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 06:12 – 12:33 |
| अहमदाबाद | मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 · पूजा 06:13 – 12:38 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
इसका महत्व
अक्षय का अर्थ है 'जो कभी कम न हो': परंपरा इस दिन को बिना अलग मुहूर्त के नई शुरुआत के लिए शुभ मानती है।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
दान, विष्णु और लक्ष्मी की पूजा, और नई शुरुआत; कई परिवार इस दिन सोना खरीदते हैं या नया काम शुरू करते हैं।
- सुबह विष्णु और लक्ष्मी की पूजा
- जल, अनाज, कपड़ों का दान
- नया काम या पढ़ाई शुरू करें
- परंपरा हो तो सोना या कुछ नया खरीदें
पूरे भारत में
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।
प्रश्न
2042 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया मंगलवार, 22 अप्रैल 2042 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2043 में अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया सोमवार, 11 मई 2043 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
अक्षय तृतीया पर पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: मंगलवार, 22 अप्रैल को 05:48 – 12:19। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
अक्षय तृतीया क्या है?
वैशाख शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, जिसके नाम का अर्थ है 'जो कभी क्षीण न हो'। परंपरा मानती है कि इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम बढ़ते रहते हैं; इसे वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
2044 में अक्षय तृतीया कब है?
शनिवार, 30 अप्रैल 2044 · पूजा 05:40 – 12:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2045 में अक्षय तृतीया कब है?
गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 · पूजा 05:50 – 12:20. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2046 में अक्षय तृतीया कब है?
बुधवार, 9 मई 2046 · पूजा 05:34 – 12:17. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में अक्षय तृतीया कैसे मनाया जाता है?
परशुराम जयंती भी; इसी समय के आसपास चार धाम के कपाट खुलते हैं।